Monday, 13 July 2015

तेरी मुश्किल ना बढाऊंगा , चला जाऊंगा,
अश्क आँखो में छुपाऊंगा, चला जाऊंगा,
अपनी दहलीज पर कुछ देर तो पड़ा रहने दे,
जैसे ही होश में आऊंगा, चला जाऊंगा..!
मुद्दतों बाद आया हूं पुराने घर में,
खुद को जी भरके रूलाऊंगा, चला जाऊंगा...!
इस दुनियां से कुछ भी नही लेना मुझको,
बस तुम्हें देखने आऊंगा, चला जाऊंगा.... !
चंद यादें "राही" को बच्चों की तरह प्यारी है,
उनको सीने से लगाऊंगा, चला जाऊंगा ...!!

No comments:

Post a Comment